Friday, 1 September 2017

 हमारी सेहत के लिए पपीता बेहद फायदेमंद होता हैं, अगर हम इसका यूज करेंगे तो कई सेहत संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं। लेकिन अगर आप इसकी पत्तियों का भी यूज करेंगे तो सेहत को कई लाभ मिलेंगे।
इसकी पत्तियों में भी बहुत सारा पोषण होता है। इसकी पत्तियों को आप कई तरह से यूज भी कर सकते हैं। चलिए जानते हैं पपीते की पत्तियों का कैसे यूज करके हम कई सेहत संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं..चलिए हम आपको बताते हैं पपीते की पत्तियों के बारे में….
ऐसे बनाएं जूस: सर्व प्रथम आप पपीते की पत्तियों को अच्छी तरह से पानी से साफ कीजिए। अब पपीते की पत्तियों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर मिक्सी में पीस लीजिए और उसे निचोड़ कर रस को ठीक से छान लीजिए।
ऐसे बनाए जूस:
-पपीते की पत्तियों के रस को नारियल के दूध या शहद में मिलाकर कंडीशनर के तौर पर यूज कीजिए। इससे बाल बहुत ही सॉफ्ट होते हैं।
-अगर आप पपीते की पत्तियों का यूज बालों से डेंड्रफ मिटाने के लिए कर सकते है। ये सिर से तेल और गंदगी को भी निकालता है।
-इसकी पत्तियों का रस स्किन के पोर्स को साफ करता है। अगर आप मुहांसों और झाइयों से राहत पाना चाहते है तो इस रस का यूज जरूर कीजिए।
-अगर आप जले, कटे और छिले हुए स्थान पर ताजे पत्तों का रस अवश्य लगाएंगे तो इससे घाव बेह जल्द भर जाता है।

Wednesday, 23 August 2017

कुछ घरेलू नुस्खे अपना कर भी गंजेपन को दूर किया जा सकता है| गंजेपन को दूर करने में मेथी बहुत ही फायदेमंद होती है| मेथी को एक रात पानी में भिगोने के बाद इसे दही में मिलाकर पेस्‍ट तैयार कर लीजिए| मेथी व दही के पेस्‍ट को बालों की जड़ों में लगाइए| इसे लगभग एक घंटे तक लगा रहने दें|इस तरह बालों की डेंड्रफ कम हो जाएगा व सिर की स्किन में नमी आएगी| चाहे तो उड़द की बिना छिलके वाली दाल को उबाल कर पीस लीजिए| रात को सोने से पहले इस पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाइए| सिर पर एक कपड़े को बांध ले| कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से गंजापन दूर हो जाता है| इसके अतिरिक्त गंजेपन को दूर करने के लिए हरे धनिये का पेस्ट भी प्रयोग कर सकते है|एक महीने तक हरे धनिये का पेस्ट सिर के उस हिस्से में लगाए जहा गंजापन हो| इससे गंजापन दूर हो जाएगा| एक केले के गूदे में नींबू के रस को अच्‍छे से मैश कर लें| इस पेस्‍ट को सिर पर लगाने से बालों के झड़ने की समस्‍या कम होती है| ऐसा करने से उड़े हुए बाल फिर से जमने लगते हैं